भूपेंद्र – योग प्रशिक्षक एवं
जीवन प्रबंधक
हमारे बारे में
भूपेंद्र ‘ अर्हत योग न्यास ‘ ट्रस्ट के संस्थापक भी हैं। यह ट्रस्ट बच्चों की शिक्षा और उनको प्रशासनिक क्षेत्रों में जाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के माध्यम से योग विज्ञान एवं आध्यात्मिक मार्ग का प्रचार – प्रसार भी होता है। भूपेंद्र भारत में अनेक शासकीय एवं निजी संस्थाओं से जुड़कर इनके कर्मियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
भूपेंद्र जी का उद्देश्य है कि लोग योग जैसी प्राचीन विधा का न केवल मौलिक विज्ञान जानें बल्कि प्रामाणिक विधाओं का अभ्यास कर स्वयं को ‘पूर्ण’ करें। भूपेंद्र जी अब तक हजारों लोगों को योग और आध्यात्मिक मार्ग का प्रशिक्षण दे चुके हैं। आज सैकड़ों लोग भूपेंद्र से जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं और अपने जीवन में स्पष्टता प्राप्त कर निरंतर विकास कर रहे हैं।
आंतरिक शांति की खोज करें
भूपेन्द्र से मिलें
हमें एक आधारीय बात समझनी होगी कि संसार में सब कुछ करने का एकमात्र साधन शरीर है। शरीर के होने पर ही बुद्धिमत्ता और अन्य क्षमताएँ हैं।
जिस शरीर और बुद्धिमत्ता से अभी तक जो कुछ भी अर्जित किया गया है, यदि उसी शरीर के स्वास्थ्य और बौद्धिक क्षमता को बढ़ा दिया जाए तो जीवन में और भी महान ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है।
जीवन का उद्देश्य होना चाहिए कि शरीर स्वस्थ हो, मन संतुलित हो और चित्त शांत हो तभी पूरी क्षमता और प्रतिभा के साथ मनुष्य होने की संभावना को पूर्ण किया जा सकता है।
जीवन यात्रा में आगे बढ़ते हुए हम सब तनाव, चिंता, अवसाद, भय से ग्रसित होते रहते हैं। यदि इन्हें समय रहते ठीक न किया जाए तो यही समस्याएँ स्थायी रोगों में परिवर्तित हो जाती हैं।
ऐसे ही नकारात्मक भाव, विचार और धारणाएँ हमें वाले सीमा में बाँधें रखती हैं, जो हमारे विकास में बड़ी बाधा हैं।
आज की इन समस्याओं से बाहर निकलने में योग मार्ग और आध्यात्मिक मनोविज्ञान का मार्गदर्शन अत्यधिक सहायक है।
सक्रिय सदस्य
वर्षों का अनुभव
योग प्रशिक्षक के साथ सत्र
यौगिक प्रयोगों का अभ्यास ऑनलाइन माध्यमों से लाइव किया जा सकता है। साथ ही आवासीय शिविर के माध्यम से भी लाभान्वित हो सकते हैं। भूपेंद्र इन सत्रों के माध्यम से लोगों को उनकी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
भूपेंद्र जी की विशेषता है कि वह योग के प्रामाणिक प्रयोगों को बहुत ही सरल लेकिन प्रभावी ढंग से सिखाते हैं, जिस कारण इनके द्वारा कराए जाने वाले प्रयोग सभी आयुवर्ग के लोग सरलता से कर पाते हैं एवं लाभान्वित होते हैं। इनका मानना है कि यौगिक प्रयोगों का अभ्यास इस रीति से होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति इन्हें सरलता से न केवल सीख सके, बल्कि अपने दैनिक जीवन में उपयोग कर सके।
भूपेंद्र अपनी कक्षाओं में सबसे पहले श्वसन को ठीक करने पर जोर देते हैं। इसके बाद ही आसन, प्राणायाम, ध्यान एवं सजगता के अभ्यास में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। साथ ही वह आध्यात्मिक मनोविज्ञान के माध्यम से लोगों के व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन की समस्याएँ भी सुलझाते हैं।